मामा दाँते = (क्रिवि-ADV) किसी वस्तु आदि को कपड़े आदि में लपेटकर उसके बाद दाँत से (काटना.) (इसके पीछे कारण यह होता है कि ऐसा माना जाता है कि इस प्रकार दाँत से काटी जानेवाली वस्तु को जूठा नहीं माना जाता.)
हमरा इयादि बा, जब बारी-ओरी में रहिं के अउर आँधी-ओंधी आवे अउर एक-ओधगो काँच आम-ओम गिरे त जे पावे उ मामा दाँते काटि के दूसरे के दे. (अगर ओ बेरा केहू की लगे छुरी-उरी ना होखे त)